वृंदावन के निधिवन मंदिर में हर रात्रि श्रीकृष्ण राधा व अन्य गोपियों के साथ रास-लीला करते हैं। निस्वार्थ प्रेम की निशानी वृन्दावन धाम है जहा सिर्फ राधे ही राधे नाम है । लेकिन क्या आप जानते है, कि एक ऐसा स्थान है, जहाँ कहा जाता है, कि आज भी श्रीकृष्ण हर रात गोपियों के संग रास-लीला रचाते हैं। स्थानीय महात्माओं व लोगों के अनुसार यहाँ के निधिवन मंदिर में हर रात ‘ठाकुरजी’ (स्थानीय लोग श्रीकृष्ण को कहते है) आते हैं और राधाजी व अन्य गोपियों संग आध्यात्मिक गतिविधियां या रास-लीला करते हैं। यह सिर्फ एक नृत्य नहीं है, किंतु दिव्य अभिव्यक्ति होती है। इस मंदिर के अंदर बहुत ही सुंदर, मनोहारी व आकर्षक आभूषणों से अलंकृत भगवान श्रीकृष्ण व राधाजी की मूर्ती स्थापित है। यहाँ एक पवित्र कुंज भी है, जहाँ श्रीकृष्ण व राधा रास-लीला नृत्य के बाद विश्राम करते हैं। मंदिर परिसर के भीतर व आसपास कई ऐसे प्रमाण मिलते हैं, जो इस आध्यात्मिक रहस्य को समर्थन प्रदान करते हैं। इसी कारणवश इस मंदिर का बहुत महत्व है। इस वन में कई वृक्ष एक-दूसरे से जुड़े हुए है, कहा जाता हर वृक्ष राधे-क...
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